mirii udaasi ka naqsh-e-paa hai udaas lafzon ka ek jungle | मिरी उदासी का नक़्श-ए-पा है उदास लफ़्ज़ों का एक जंगल

  - Tahir Hanfi
मिरीउदासीकानक़्श-ए-पाहैउदासलफ़्ज़ोंकाएकजंगल
येग़मकीरातोंकोजानताहैउदासलफ़्ज़ोंकाएकजंगल
किसीकीआँखोंमेंधीरेधीरेउतररहाहैनमीकाबादल
क़लमसेकिसकेनिकलरहाहैउदासलफ़्ज़ोंकाएकजंगल
शिकस्ताकाग़ज़परआँसूओंकाबनाहुआहैजोएकतालाब
वोमेरीआँखोंसेबहरहाहैउदासलफ़्ज़ोंकाएकजंगल
उठाईकलरातडायरीऔरमैंनेकरडालीडालीआतिश
सोसाथउसकेहीजलगयाहैउदासलफ़्ज़ोंकाएकजंगल
किदिलमेंजितनीअज़िय्यतेंथींक़लमसे'ताहिर'उन्हेंलिखाहै
ग़ज़लकीसूरतमेंढलचुकाहैउदासलफ़्ज़ोंकाएकजंगल
  - Tahir Hanfi
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