ye jo sheesha hai dil-numa mujh men | ये जो शीशा है दिल-नुमा मुझ में

  - Tahir Azeem
येजोशीशाहैदिल-नुमामुझमें
टूटजाताहैबार-हामुझमें
मैंतिरेहिज्रकीगिरफ़्तमेंहूँ
एकसहराहैमुब्तलामुझमें
मनमहकताहैकिसकीख़ुशबूसे
कौनरहताहैफूलसामुझमें
कितनेलम्हातकाथाइकलम्हा
ज़िंदगीभररुकारहामुझमें
उसकीआँखोंकेबंदटूटगए
औरसैलाबगयामुझमें
जबभीअपनीतलाशकोनिकलूँ
लौटआताहैरास्तामुझमें
इख़्तिलाफ़ातज़ेहन-ओ-दिलमेंथे
इकतसादुमसदारहामुझमें
  - Tahir Azeem
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