इकवहशतसीदरआईहैआँखोंमें
अपनीसूरतधुँदलाईहैआँखोंमें
आजचमनकाहालनपूछोहम-नफ़सो
आजख़िज़ाँकीरुतआईहैआँखोंमें
बरसोंपहलेजिसदरियामेंउतराथा
अबतकउसकीगहराईहैआँखोंमें
इनबातोंपरमतजानाजोआमहुईं
देखोकितनीसच्चाईहैआँखोंमें
इनमेंअबभीहर्फ़-ए-मोहब्बतबस्ताहै
इसीलिएतोगहराईहैआँखोंमें
हाथपकड़करजिसकाचलनासीखाहै
उसकेनामकीबीनाईहैआँखोंमें
धूप'अज़ीम'अबफैलीहैजोशिद्दतसे
तोसाएकीरा'नाईहैआँखोंमें