har dard ki davaa bhi zaroori nahin ki ho | हर दर्द की दवा भी ज़रूरी नहीं कि हो

  - Tahir Azeem
हरदर्दकीदवाभीज़रूरीनहींकिहो
मेरेलिएज़राभीज़रूरीनहींकिहो
रहताहैज़ेहनदिलमेंजोएहसासकीतरह
उसकाकोईपताभीज़रूरीनहींकिहो
इंसानसेमिलोभीतोइंसानजानकर
हरशख़्सदेवताभीज़रूरीनहींकिहो
किसनेतुम्हेंज़बानअताकीकिआजतुम
कहतेहोजोख़ुदाभीज़रूरीनहींकिहो
क़ाएम'अज़ीम'उसकीरज़ासेहैज़िंदगी
इसमेंमिरीरज़ाभीज़रूरीनहींकिहो
  - Tahir Azeem
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