khwahishon ki baadshaahi kuchh nahin | ख़्वाहिशों की बादशाही कुछ नहीं

  - Tahir Azeem
ख़्वाहिशोंकीबादशाहीकुछनहीं
दिलमेंशौक़-ए-कज-कुलाहीकुछनहीं
क्यूँँअदालतकोशवाहिदचाहिएँ
क्यायेज़ख़्मोंकीगवाहीकुछनहीं
सुब्हलिक्खीहैअगरतक़दीरमें
रातकीफिरयेसियाहीकुछनहीं
सोचअपनीज़ाततकमहदूदहै
ज़ेहनकीक्यायेतबाहीकुछनहीं
ज़र्फ़शामिलहैहमारेख़ूनमें
येतुम्हारीकम-निगाहीकुछनहीं
हँसकेमिलताहैउमूमनवो'अज़ीम'
इसतरहजैसेहुआहीकुछनहीं
  - Tahir Azeem
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