guzra jidhar se raah ko rangeen kar gaya | गुज़रा जिधर से राह को रंगीन कर गया

  - Tahir Adeem
गुज़राजिधरसेराहकोरंगीनकरगया
जुगनूइकआफ़्ताबकीतौहीनकरगया
किसनेबिठायामुझकोसर-ए-मसनद-ए-सिनाँ
येकौनमेरेजिस्मकीतज़ईनकरगया
अश्कोंनेज़ख़्मज़ख़्मकोअंदरसेधोदिया
येग़मतिरातोरूहकीतस्कीनकरगया
येकिसकीख़ामुशीसेहैनब्ज़-ए-जहाँरुकी
येकौनकाएनातकोग़मगीनकरगया
आयाथालेकेज़ीस्तमेंदौलतसुकूनकी
जातेहुएक़रारमिराछीनकरगया
येगामगामआइनेकिसनेबिछादिए
येकौनगामगामकोख़ुद-बीनकरगया
तोहमतमिरेवजूदकोछूकरपलटगई
समझाथावोकिज़ातकीतस्कीनकरगया
कशतगान-ए-इशक़भरमहैयेइश्क़का
रखनायेजेबचाकवोतल्क़ीनकरगया
'ताहिर'हरएकबातमेंजिसकीमिठासथी
बिछड़ातोज़िंदगीकोवोग़मगीनकरगया
  - Tahir Adeem
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