aseer-e-bahr-o-bar koi nahin hai | असीर-ए-बहर-ओ-बर कोई नहीं है

  - Tahir Adeem
असीर-ए-बहर-ओ-बरकोईनहींहै
जहाँमेंमुख़्तसरकोईनहींहै
हैधड़कासामिरेसीनेमेंलेकिन
दर-ए-उम्मीदपरकोईनहींहै
मिरासायासिमटआयाहैमुझमें
मिराअबहम-सफ़रकोईनहींहै
हवादिसभीवहींहमभीवहींहैं
मगरअबचश्म-ए-तरकोईनहींहै
नज़रहीबामपरमेरीनहींया
नज़रकेबामपरकोईनहींहै
ब-जुज़मेरेयहाँमेरीवफ़ाका
हवालामो'तबरकोईनहींहै
समझकरसोचकरदिलमेंउतरना
यहाँबाहरकोदरकोईनहींहै
ख़िरदकेलाखक़ासिदहैंतोहोंगे
जुनूँकानामा-बरकोईनहींहै
मुझेअपनानेवालेलोग'ताहिर'
बहुतसेहैंमगरकोईनहींहै
  - Tahir Adeem
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