bila javaaz nahin hai ghuroor aankhoñ men | बिला जवाज़ नहीं है ग़ुरूर आँखों में

  - Tahir Adeem
बिलाजवाज़नहींहैग़ुरूरआँखोंमें
बसाहुआहैकोईतोज़रूरआँखोंमें
तसल्लियोंकाचराग़ाँशफ़ीक़होंटोंपर
मोहब्बतोंकीअनोखीसुतूरआँखोंमें
वज़ू-ए-दीदजुदाईमेंभीमुयस्सरहै
हैंगरचेदूरमगरहैंहुज़ूरआँखोंमें
किरातदूधियाचादरमेंख़्वाबलिपटेथे
तमामदिनथारहाउसकानूरआँखोंमें
रुकेहुएकिसीसैलाबकीसफ़ारतको
कियाहैअश्कनेफिरसेज़ुहूरआँखोंमें
जियाहैदश्त-ए-दिल-ओ-जाँहद-ए-मुअ'य्यनमें
कियाहैआँखकादरियाउबूरआँखोंमें
ख़ुमार-ए-दर्दमें'ताहिर-अदीम'सबमसरूर
हैंमस्तियाँसीसरोंमेंसुरूरआँखोंमें
  - Tahir Adeem
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