museebat sar se taltee ja rahi hai | मुसीबत सर से टलती जा रही है

  - Tahir Adeem
मुसीबतसरसेटलतीजारहीहै
हमारीउम्रढलतीजारहीहै
कहाँहैज़िंदगीअबज़िंदगीमें
फ़क़तइकनब्ज़चलतीजारहीहै
मुसलसलभापबनकरउड़रहाहूँ
मुसलसलआगजलतीजारहीहै
अजबहैसानेहाजीनेकीख़्वाहिश
मिरेदिलसेनिकलतीजारहीहै
ख़फ़ाक्यूँहैंमिरेहालातमुझसे
हवाक्यूँरुख़बदलतीजारहीहै
येसाँसेंमो'जिज़ेमेंढलरहीहैं
करामतख़ूँमेंचलतीजारहीहै
सवानेज़ेपेसूरजरहाहै
मिरीहरसम्तग़लतीजारहीहै
मुझेधरकरमेरेबे-दरमकाँमें
वोघरकोहाथमलतीजारहीहै
येकैसेडंकहैंसीनेमें'ताहिर'
हलक़मेंजाँउछलतीजारहीहै
  - Tahir Adeem
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