मौजूदगीकाउसकीयहाँए'तिराफ़कर
ऐकाबा-ए-जहाँमिरेदिलकातवाफ़कर
कबतकफ़ुसूँमेंमौसम-ए-यकसानियतरहे
ऐराइज-उल-जहाननयाइंकिशाफ़कर
इसतल्ख़ी-ए-हयातकेलम्होंकाहरक़ुसूर
मैंनेमुआ'फ़करदियातूभीमुआ'फ़कर
पर्दापड़ाहैशहरकीजबआँखआँखपर
तेराभीहक़हैसचसेमिरेइख़्तिलाफ़कर
मैंसचहूँऔरसामनेतेरेखड़ाहूँमैं
करनाहैमेरीज़ातसेअबइंहिराफ़कर
मैंख़ुदपेओढ़ताहूँतिरेप्यारकीरिदा
तूख़ुदपेमेरीचाहकाउजलाग़िलाफ़कर
लेएकएकशख़्समिराहम-ज़बानहै
जाएकएकशख़्सकोमेरेख़िलाफ़कर
तबअक्सअक्सउजलानज़रआएगातुझे
तूआइना-ए-दिलपेजमीगर्दसाफ़कर
बनकरशुआ'-ए-शीशा-ए-मंशूरदिलपेपड़
रंगोंकाइकजहानलिएइनएताफ़कर
चादरतमाज़तोंकीलिएदिनकेदिलमेंचल
तन्हाइयोंकोशबकेजिगरमेंलिहाफ़कर
इसमोहर-बंदइश्क़कोतूभीहवालगा
'ताहिर-अदीम'तूभीकोईइकतिशाफ़कर