kahii deewaar hai to dar ghaaeb | कहीं दीवार है तो दर ग़ाएब

  - Tahir Adeem
कहींदीवारहैतोदरग़ाएब
औरकहींपरहमाराघरग़ाएब
हम-सफ़रहैकहींसफ़रग़ाएब
हैसफ़रगरतोहम-सफ़रग़ाएब
ख़ुदाकौनसातिलिस्महैये
जिस्ममौजूदहैंयेसरग़ाएब
शौक़-ए-परवाज़हैसभीमेंमगर
ताइरान-ए-चमनकेपरग़ाएब
आसमाँभीनहींरहासरपर
उसपेपाँवसेहैसफ़रग़ाएब
मैंभीबै'अतकरूँँब-दस्त-ए-हुनर
दर्द-ए-दिलकोजिगरसेकरग़ाएब
मुझपेपड़तीनहींकोईभीनज़र
मैंभीमहफ़िलमेंहूँमगरग़ाएब
तुमरहोआँखमेंतोबेहतरहै
दूरहोंगरतोबहर-ओ-बरग़ाएब
यातोमौजूदहीनहींवोरहा
याकोईआँखसेनज़रग़ाएब
इश्क़केबामपरवोहैमौजूद
कासा-ए-शामसेक़मरग़ाएब
क़हतकैसापड़ाहैअबकेबरस
दस्त-ए-फ़न-कारसेहुनरग़ाएब
सामनेमंज़िलेंसभीमादूम
मुड़केदेखूँतोचारा-गरग़ाएब
ज़ख़्म'ताहिर-अदीम'कैसेभरे
हरदवासेहुआअसरग़ाएब
  - Tahir Adeem
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy