har ek rasta-e-payaab se nikalna hai | हर एक रस्ता-ए-पायाब से निकलना है

  - Tahir Adeem
हरएकरस्ता-ए-पायाबसेनिकलनाहै
सराब-ए-उम्रकेहरबाबसेनिकलनाहै
सर-ए-अनासिर-ए-कमयाबसेनिकलनाहै
शुमार-ए-नादिर-ओ-नायाबसेनिकलनाहै
तवील-तरसेकिसीख़्वाबमेंउतरनेको
हरएकशख़्सकोइसख़्वाबसेनिकलनाहै
लहूलहूसर-ए-मिज़्गाँतुलअहोनाहै
किनार-ए-ख़ित्ता-ए-पुर-आबसेनिकलनाहै
उसेभीपर्दा-ए-तहज़ीबकोगिरानाहै
मुझेभीपैकर-ए-नायाबसेनिकलनाहै
सुकूनलम्हा-ए-भारीनेहीउगलनाहै
तोचैनअर्सा-ए-बे-ताबसेनिकलनाहै
नहींहैरहनाउसेभीबहारमें'ताहिर'
मुझेभीमौसम-ए-शादाबसेनिकलनाहै
  - Tahir Adeem
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