mila kisi se na achha laga sukhun is baar | मिला किसी से न अच्छा लगा सुख़न इस बार

  - Tafzeel Ahmad
मिलाकिसीसेअच्छालगासुख़नइसबार
बनाहैलाशोंकेआ'ज़ासेयेबदनइसबार
सुनाहैतीनोंरुतेंसाथसाथआएँगी
क़मीसडालकेनिकलूँखुलेबटनइसबार
हवाकीमौतसेडोलेक़त्ल-ए-आबसेहम
तमामचीज़ोंपेभारीपड़ीथकनइसबार
बहुतसेशहरबहुतसीफ़ज़ाबहुतसेलोग
मगरहैसबमेंकोईबूकोईसड़नइसबार
छुपाऊँरूहकोक्यूँँतनसेतनकोकपड़ोंसे
उतारक्यूँँचलूँसारेपैरहनइसबार
ख़लाकीआगतो'तफ़ज़ील'नेबुझाईमगर
ज़मींपेवोनहींगिरताहैकार्बनइसबार
  - Tafzeel Ahmad
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