har ik daag-e-dil sham'a saan dekhta hooñ | हर इक दाग़-ए-दिल शम्अ' साँ देखता हूँ

  - Tabish Dehlvi
हरइकदाग़-ए-दिलशम्अ'साँदेखताहूँ
तिरीअंजुमनज़ौ-फ़िशाँदेखताहूँ
तअ'य्युनसेआज़ादहैंमेरेसज्दे
जबींपरतिराआस्ताँदेखताहूँ
फ़रेब-ए-तसव्वुरहैक़ैद-ए-क़फ़सहै
हरइकशाख़परआशियाँदेखताहूँ
मैंराह-ए-तलबकाहूँपसमाँदारह-रव
ग़ुबार-ए-रह-ए-कारवाँदेखताहूँ
ब-अंदाज़ा-ए-ज़ौक़-ए-ईज़ा-पसंदी
उसेआजमैंमेहरबाँदेखताहूँ
पिलाकरमुझेमहरम-ए-होशरक्खा
येए'जाज़-ए-पीर-ए-मुग़ाँदेखताहूँ
मिरीज़िंदगीमहरम-ए-ग़महै'ताबिश'
नफ़सकोब-रंग-ए-फ़ुग़ाँदेखताहूँ
  - Tabish Dehlvi
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