मैंनेज़मींकीतपतीरगोंपेहाथधरेहैं
मैंनेज़मींकीतपतीरगोंसे
तपतेलहूकोउबलतेदेखाहै
उनरस्तोंपेउनगलियोंपे
पत्थरजैसीसख़्तहवाके
सुर्ख़धमाकेदेखेहैं
रातकीमुतवर्रिमघड़ियोंमें
ज़र्दमकानोंकेसेहनोंमें
लहूकोगिरतेदेखाहै
क़तराक़तराक़तरा
क़तराक़तराबनतेबनतेएकसमुंदर
इकबे-पायाँतपतासुर्ख़समुंदर
ज़र्दमकानोंकीरगरगमें
तपतासुर्ख़समुंदर
उनगलियोंकीबूढ़ीछालपेइफ़्रीतोंकेहमले
तपतीज़मींकेसातवींतलवेतकलहरातीअंधीचीख़ें
कितनीहीज़ालिमसदियोंसे
अंधीचीख़ेंमेरेतपतेजिस्मकेजलतेख़लियों
ज़र्दमसामोंकेदर्रोंमेंभटकरहीहैं
चीख़ेंमेरेजिस्मकीइकइकरगमेंयूरिशकरतीहैं
नफ़रतकातीखालशकाराजिस्मकोकाटतारहताहै
जिसकेअंदरजिस्मकेबाहर
ख़ूनकाअंधालावाबहतारहताहै