mujhe aish o ishrat ki qudrat nahin hai | मुझे ऐश ओ इशरत की क़ुदरत नहीं है

  - Taban Abdul Hai
मुझेऐशइशरतकीक़ुदरतनहींहै
करूँँतर्क-ए-दुनियातोहिम्मतनहींहै
कभीग़मसेमुझकोफ़राग़तनहींहै
कभीआहनालेसेफ़ुर्सतनहींहै
सफ़ोंकीसफ़ेंआशिक़ोंकीउलटदें
क़यामतहैयेकोईक़ामतनहींहै
बरसताहैमेंहमैंतरसताहूँमयको
ग़ज़बहैयेबारान-ए-रहमतनहींहै
मिरेसरपेज़ालिमलायाहोजिसको
कोईऐसीदुनियामेंआफ़तनहींहै
हैमिलनामिराफ़ख़्रआलमकोलेकिन
तिरेपासकुछमेरीहुरमतनहींहै
मैंगोर-ए-ग़रीबाँपेजाकरजोदेखा
ब-जुज़नक़्श-ए-पालौह-ए-तुर्बतनहींहै
बुरीहीतरहमुझसेरूठीहैंमिज़्गाँ
उन्हेंकुछभीचश्म-ए-मुरव्वतनहींहै
तूकरताहैइबलीसकेकामज़ाहिद
तिरेफ़ेलपरक्यूँँकेलानतनहींहै
मैंदिलखोल'ताबाँ'कहाँजाकेरोऊँ
किदोनोंजहाँमेंफ़राग़तनहींहै
  - Taban Abdul Hai
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