aisa kahaan hubaab koi chashm-e-tar ki ham | ऐसा कहाँ हुबाब कोई चश्म-ए-तर कि हम

  - Taban Abdul Hai
ऐसाकहाँहुबाबकोईचश्म-ए-तरकिहम
लबख़ुश्कयेमुहीतहैकबइसक़दरकिहम
ऐसानहींग़रीबकोईघर-ब-घरकिहम
ऐसानहींख़राबकोईदर-ब-दरकिहम
मूदामहीमुशब्बक-ए-मिज़्गान-ए-यारहै
लेकिनइसक़दररहेख़स्ता-जिगरकिहम
गोआजहमहैंबे-सर-ओ-पादेखिएकिकल
येराह-ए-पुल-सिरातकरेशैख़सरकिहम
हमबहसतेहैंचाक-ए-गरेबाँपेतेरेसाथ
औरदेखिएकिहमसेरहेतूसहरकिहम
रोतेअदमसेआएथेरोतेहीजाएँगे
ऐसानहींअज़लसेकोईनौहागरकिहम
दुनियाकिनेकबदसेमुझेकुछख़बरनहीं
इतनानहींजहाँमैंकोईबे-ख़बरकिहम
पूछामैंउससेकौनहैक़ातिलमिराबता
कहनेलगापकड़केवोतेग़सिपरकिहम
दीवाँहमाराग़ौरसे'ताबाँ'तूदेखतो
रखताहैकबमुहीतयेगंज-ए-गुहरकिहम
  - Taban Abdul Hai
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