ऐज़बूरीफूलऐनीलेगुलाब
मतख़फ़ाहोमैंदोबाराआऊँगा
सातसदियाँसातरातेंसातदिन
इकपहेलीहैकिसेसमझाऊँगा
यारहोजाएसहीतुझसेमुझे
तेरेक़ब्ज़ेसेतुझेछुड़वाऊंगा
तुमबहुतमा'सूमलड़कीहोतुम्हें
नज़्मभेजूँगादु'आपहनाऊँगा
कोईदरियाहैनजंगलऔरनबाग़
मैंयहाँबिल्कुलनहींरहपाऊँगा
यादकरवाउँगातुझकोतेरेज़ख़्म
तेरीसारीने'मतेंगिनवाउँगा
छोड़नाउसकेलिएमुश्किलनहो
मुझसेमतकहनामैंयेकरजाऊँगा
मैं'अली'-ज़र्यूनहूँकाफ़ीहैये
मैंज़फ़र-इक़बालक्यूँँबनजाऊँगा