marne ki mujh ko aap se hain iztiraabiyaan | मरने की मुझ को आप से हैं इज़तिराबियाँ

  - Taban Abdul Hai
मरनेकीमुझकोआपसेहैंइज़तिराबियाँ
करताहैमेरेक़त्लकोतूक्यूँँशिताबियाँ
मेराहीख़ानुमाँनहींवीराँहुआकोई
बहुतोंकीकीहैंइश्क़नेख़ानाख़राबियाँ
ख़्वान-ए-फ़लकपेनेमत-ए-अलवानहैकहाँ
ख़ालीहैमहर-ओ-माहकीदोनोंरिकाबियाँ
हरगिज़ख़ुम-ए-फ़लकमेंनहींहैशराब-ए-इश्क़
ग़ुंचोंकीख़ून-ए-दिलसेभरीहैंगुलाबियाँ
हल्क़ोंसेउसकीज़ुल्फ़केरुख़्सारहैअयाँ
'ताबाँ'जथेमेंदेखोहैंक्यामाह-ताबियाँ
  - Taban Abdul Hai
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