tire mizgaan ki faujen baandh kar saf jab hui khariyaan | तिरे मिज़्गाँ की फ़ौजें बाँध कर सफ़ जब हुईं ख़ड़ियाँ

  - Taban Abdul Hai
तिरेमिज़्गाँकीफ़ौजेंबाँधकरसफ़जबहुईंख़ड़ियाँ
कियाआलमकोसारेक़त्ललोथींहरतरफ़पड़ियाँ
दमअपनेकाशुमारइसतरहतेरेग़ममेंकरताहूँ
किजैसेशीशा-ए-साअतमेंगिनताहैकोईघड़ियाँ
हमींकोख़ाना-ए-ज़ंजीरसेउल्फ़तहैज़िंदाँमें
वगर्नाएकझटकेमेंजुदाहोजाएँसबकड़ियाँ
तुझेदेखाहैजबसेबुलबुल-ओ-गुलनेगुलिस्ताँमें
पड़ीहैंरिश्ता-ए-उल्फ़तमेंउनकेतबसेगुल-छड़ियाँ
फ़ुग़ाँआतानहींवोशोख़मेरेहाथ'ताबाँ'
लकीरेंउँगलियोंकीमिटगईंगिनतेहुएघड़ियाँ
  - Taban Abdul Hai
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