main ho ke tire gham se naashaad bahut roya | मैं हो के तिरे ग़म से नाशाद बहुत रोया

  - Taban Abdul Hai
मैंहोकेतिरेग़मसेनाशादबहुतरोया
रातोंकेतईंकरकेफ़रियादबहुतरोया
हसरतमेंदियाजीकोमेहनतकीहुइराहत
मैंहालतिरासुनकरफ़रहादबहुतरोया
गुलशनसेवोजूँलायाबुलबुलनेदियाजीको
क़िस्मतकेउपरअपनीसय्यादबहुतरोया
नश्तरतोलगाताथापरख़ूँनिकलताथा
करफ़स्दमिरीआख़िरफ़स्सादबहुतरोया
करक़त्लमुझेउननेआलममेंबहुतढूँडा
जबमुझसाकुइपायाजल्लादबहुतरोया
जबयारमिराबिगड़ाख़तआएसे'ताबाँ'
तबहुस्नकोमैंउसकेकरयादबहुतरोया
  - Taban Abdul Hai
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