शामकोकमरेतलकतोइसतरहआताहूँमैं
दुनियासेकटताहुआख़ुदमेंसिमटजाताहूँमैं
ज़िन्दगीकीकश्मकशपागलबनादेगीमुझे
चीखताहूँबापपरबच्चोंपेचिल्लाताहूँमैं
सुब्हबिछजाताहूँमैंबाज़ारमेंबाहरनिकल
शामअपनेआपकोअपनेमेंभरलाताहूँमैं
आजभीइकशख़्सकेएहसानदिलपेदर्जहैं
आजभीइकशख़्ससेबोलूँतोहकलाताहूँमैं
ज़िक्रपहलेइश्क़काहोतोसिहरजाताहैमन
अपनेदिलकेआख़िरीकमरेसेघबराताहूँमैं
ज़िन्दगीअपनीउदासीपरलिखाइकगीतहै
जिसकोसबकेसामनेहँसतेहुएगाताहूँमैं