jhagda bhi ho to itni sahoolat banii rahe | झगड़ा भी हो तो इतनी सहूलत बनी रहे

  - SUMIT KUMAR GUPTA
झगड़ाभीहोतोइतनीसहूलतबनीरहे
हमतुममेंबातकरनेकीसूरतबनीरहे
मैंतोयेचाहताथाकिहालातठीकहों
मैंतोयेचाहताथामोहब्बतबनीरहे
मुझकोकिसीनेइतनाकहाथाकिमेरेबाद
दुखहोभीतोयेहँसनेकीआदतबनीरहे
तुमदूरहोरहीहोतोइतनीदु'आकरो
वहशतकेइसमकाँमेंगनीमतबनीरहे
पहलेभीवाकयायेहुआहैहमारेसाथ
परसोचतेहैंआँखकीहैरतबनीरहे
तर्क-ए-तअल्लुक़ातकीकोईसज़ाहो
इकदूसरेकेदिलमेंनदामतबनीरहे
यानीतुम्हारेबादभीमैंख़ुशरहाकरूँँ
तोनींवकेबिनाभीइमारतबनीरहे?
  - SUMIT KUMAR GUPTA
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