hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Subhan Asad
abke chehre pe vo daraar aayi
abke chehre pe vo daraar aayi | अबके चेहरे पे वो दरार आई
- Subhan Asad
अबके
चेहरे
पे
वो
दरार
आई
आईना
बन
गया
तमाशाई
अपना
दिल
जैसे
दुखती
आँख
कोई
उसकी
यादें
कि
जैसे
पुरवाई
एक
मुद्दत
के
बाद
हमने
'असद'
उसको
देखा
तो
अपनी
याद
आई
- Subhan Asad
Download Ghazal Image
एक
चेहरा
है
जो
आँखों
में
बसा
रहता
है
इक
तसव्वुर
है
जो
तन्हा
नहीं
होने
देता
Javed Naseemi
Send
Download Image
48 Likes
आज
भी
शायद
कोई
फूलों
का
तोहफ़ा
भेज
दे
तितलियाँ
मंडला
रही
हैं
काँच
के
गुल-दान
पर
Shakeb Jalali
Send
Download Image
21 Likes
एक
आईना
है
जो
इतरा
रहा
है
अब
तक
कभी
सजते
हुए
तुमने
इसे
देखा
होगा
Raj Tiwari
Send
Download Image
5 Likes
मैं
तो
'मुनीर'
आईने
में
ख़ुद
को
तक
कर
हैरान
हुआ
ये
चेहरा
कुछ
और
तरह
था
पहले
किसी
ज़माने
में
Muneer Niyazi
Send
Download Image
30 Likes
घूमता
रहता
है
हर
वक़्त
मेरी
आँखों
में
एक
चेहरा
जो
कई
साल
से
देखा
भी
नहीं
Riyaz Tariq
Send
Download Image
34 Likes
तुर्रा-ए-काकुल-ए-पेचां
रुख़-ए-नूरानी
पर
चश्मा-ए-आईना
में
साँप
सा
लहराता
है
Miyan Dad Khan Sayyah
Send
Download Image
18 Likes
अच्छे
हो
कर
लौट
गए
सब
घर
लेकिन
मौत
का
चेहरा
याद
रहा
बीमारों
को
Shariq Kaifi
Send
Download Image
44 Likes
तुम्हारा
दिल
मिरे
दिल
के
बराबर
हो
नहीं
सकता
वो
शीशा
हो
नहीं
सकता
ये
पत्थर
हो
नहीं
सकता
Dagh Dehlvi
Send
Download Image
49 Likes
तेरा
चेहरा
कितना
सुहाना
लगता
है
तेरे
आगे
चाँद
पुराना
लगता
है
Kaif Bhopali
Send
Download Image
67 Likes
उसे
यूँँ
चेहरा-चेहरा
ढूँढता
हूँ
वो
जैसे
रात-दिन
सड़कों
पे
होगा
Shariq Kaifi
Send
Download Image
36 Likes
Read More
आज
है
कुछ
सबब
आज
की
शब
न
जा
जान
है
ज़ेर-ए-लब
आज
की
शब
न
जा
क्या
पता
फिर
तिरे
वस्ल
की
साअतें
हूँ
कहाँ
कैसे
कब
आज
की
शब
न
जा
चाँद
क्या
फूल
क्या
शम्अ
क्या
रंग
क्या
हैं
परेशान
सब
आज
की
शब
न
जा
वक़्त
को
कैसे
तरतीब
देते
हैं
लोग
आ
सिखा
दे
ये
अब
आज
की
शब
न
जा
वो
सहर
भी
तुझी
से
सहर
थी
'असद'
शब
भी
तुम
से
है
शब
आज
की
शब
न
जा
Read Full
Subhan Asad
Download Image
1 Like
और
किस
शय
से
दाग़-ए-दिल
धोएँ
क्या
करें
गर
न
इस
क़दर
रोएँ
दिल
तो
पत्थर
बना
दिया
तू
ने
आरज़ू
किस
ज़मीन
में
बोएँ
हम
किसी
बात
से
नहीं
डरते
हम
ने
पाया
ही
क्या
है
जो
खोएँ
आज
फ़ुर्सत
मिली
हैं
मुद्दत
बअ'द
आओ!
तंगी-ए-वक़्त
पर
रोएँ
हम
यही
ख़्वाब
देखते
हैं
'असद'
उन
के
शाने
पे
रख
के
सर
सोएँ
Read Full
Subhan Asad
Download Image
1 Like
ये
कांटे,
ये
धूप,
ये
पत्थर
इनसे
कैसा
डरना
है
राहें
मुश्किल
हो
जाएँ
तो
छोड़ी
थोड़ी
जाती
हैं
Subhan Asad
Send
Download Image
29 Likes
ये
सानिहा
भी
शब-ए-हिज्र
आ
पड़ा
हम
पर
तेरा
ख़्याल
तो
आया
तेरी
तलब
न
हुई
Subhan Asad
Send
Download Image
25 Likes
तू
इस
तरह
से
मिला
फिर
मलाल
भी
न
रहा
तेरे
ख़याल
में
अपना
ख़याल
भी
न
रहा
कुछ
इस
अदास
झुकी
थी
हया
से
आँख
तेरी
हमारी
आँख
में
कोई
सवाल
भी
न
रहा
Read Full
Subhan Asad
Send
Download Image
33 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Safar Shayari
Eid Shayari
Narazgi Shayari
Dar Shayari
Khafa Shayari