aur kis shay se daag-e-dil dhoyen | और किस शय से दाग़-ए-दिल धोएँ

  - Subhan Asad
औरकिसशयसेदाग़-ए-दिलधोएँ
क्याकरेंगरइसक़दररोएँ
दिलतोपत्थरबनादियातूने
आरज़ूकिसज़मीनमेंबोएँ
हमकिसीबातसेनहींडरते
हमनेपायाहीक्याहैजोखोएँ
आजफ़ुर्सतमिलीहैंमुद्दतबअ'द
आओ!तंगी-ए-वक़्तपररोएँ
हमयहीख़्वाबदेखतेहैं'असद'
उनकेशानेपेरखकेसरसोएँ
  - Subhan Asad
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