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karan singh rajput
waqt aaj hamse rukhsat hai to kya
waqt aaj hamse rukhsat hai to kya | वक़्त आज हम सेे रुख्शत है तो क्या
- karan singh rajput
वक़्त
आज
हम
सेे
रुख्शत
है
तो
क्या
वक़्त
है
गुजर
जाएगा
गुजरने
दीजिये
- karan singh rajput
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आँख
से
दूर
न
हो
दिल
से
उतर
जाएगा
वक़्त
का
क्या
है
गुज़रता
है
गुज़र
जाएगा
Ahmad Faraz
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अब
उस
सेे
दोस्ती
है
जिस
सेे
कल
मुहब्बत
थी
अब
इस
सेे
ज़्यादा
बुरा
वक़्त
कुछ
नहीं
है
दोस्त
Vishal Singh Tabish
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साल
के
आख़िरी
दिन
उसने
दिया
वक़्त
हमें
अब
तो
ये
साल
कई
साल
नहीं
गुज़रेगा
Shariq Kaifi
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वक़्त
किस
तेज़ी
से
गुज़रा
रोज़-मर्रा
में
'मुनीर'
आज
कल
होता
गया
और
दिन
हवा
होते
गए
Muneer Niyazi
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जो
ज़रा
ठीक
से
किरदार
निगारी
हो
जाए
ये
कहानी
तो
हक़ीक़त
पे
भी
तारी
हो
जाए
तेरे
हामी
है
सो
उठ
कर
भी
नहीं
जा
सकते
जाने
किस
वक़्त
यहाँ
राय-शुमारी
हो
जाए
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Khurram Afaq
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बैठे
हैं
चैन
से
कहीं
जाना
तो
है
नहीं
हम
बे-घरों
का
कोई
ठिकाना
तो
है
नहीं
तुम
भी
हो
बीते
वक़्त
के
मानिंद
हू-ब-हू
तुम
ने
भी
याद
आना
है
आना
तो
है
नहीं
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Rehman Faris
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उस
वक़्त
का
हिसाब
क्या
दूँ
जो
तेरे
बग़ैर
कट
गया
है
Ahmad Nadeem Qasmi
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मुसाफ़िरों
के
दिमाग़ों
में
डर
ज़ियादा
है
न
जाने
वक़्त
है
कम
या
सफ़र
ज़ियादा
है
Hashim Raza Jalalpuri
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तुम
बड़े
अच्छे
वक़्त
पर
आए
आज
इक
ज़ख़्म
की
ज़रूरत
थी
Zubair Ali Tabish
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कुछ
इशारा
जो
किया
हम
ने
मुलाक़ात
के
वक़्त
टाल
कर
कहने
लगे
दिन
है
अभी
रात
के
वक़्त
Insha Allah Khan
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चार
ही
दिन
थे
क्या
ज़िन्दगी
के
लिए
ना
मिला
कोई
भी
आशिक़ी
के
लिए
हाथ
आँखों
पे
धरने
लगा
चाँद
अब
एक
उस
की
ही
बेपर्दगी
के
लिए
पूजते
है
उसे
जो
कि
दिखता
नहीं
लोग
सब
करते
है
बंदगी
के
लिए
देता
है
तो
दे
इक
दो
सदी
ऐ
ख़ुदा
चार
दिन
कम
है
आवारगी
के
लिए
ना
गिला
कोई
ना
ही
शिकायत
कोई
कुछ
तो
हो
उन
सेे
नाराजगी
के
लिए
आदमी
देता
है
हर
जहाँ
को
ख़ुशी
ख़ुद
तरसता
है
इक
इक
ख़ुशी
के
लिए
दुख
भरी
ज़िन्दगी
के
सिवा
दुनिया
में
अब
बचा
ही
क्या
है
आदमी
के
लिए
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karan singh rajput
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इक
तेरा
ग़म
है
मुझे
जो
सब
भुलाए
जाता
है
वर्ना
हर
इक
चीज
पहले
याद
रहती
थी
मुझे
karan singh rajput
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ऊक
गया
होगा
उसका
दिल
भी
मुझ
सेे
कोई
एक
ही
शख़्स
से
कितनी
बात
करे
karan singh rajput
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कि
मुद्दतों
बाद
इश्क़
के
इस
गुमान
में
आ
रहा
हूॅं
मैं
तु
ये
बता
बस
मुझे
कि
तेरे
भी
ध्यान
में
आ
रहा
हूॅं
मैं
?
karan singh rajput
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मुक़ददर
भी
है
कोई
चीज
मेरे
दोस्त
दुनिया
में
कि
जिस
सेे
प्यार
हो
उस
सेे
ही
शादी
थोड़ी
होती
है
karan singh rajput
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