hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
karan singh rajput
raat bhar girte hai aañsu aankh se
raat bhar girte hai aañsu aankh se | रात भर गिरते है आँसू आँख से
- karan singh rajput
रात
भर
गिरते
है
आँसू
आँख
से
तब
कहीं
जाकर
सवेरा
होता
है
- karan singh rajput
Download Sher Image
देखो
तो
चश्म-ए-यार
की
जादू-निगाहियाँ
बेहोश
इक
नज़र
में
हुई
अंजुमन
तमाम
Hasrat Mohani
Send
Download Image
24 Likes
गुजर
चुकी
जुल्मते
शब-ए-हिज्र,
पर
बदन
में
वो
तीरगी
है
मैं
जल
मरुंगा
मगर
चिरागों
के
लो
को
मध्यम
नहीं
करूँगा
यह
अहद
लेकर
ही
तुझ
को
सौंपी
थी
मैंने
कलबौ
नजर
की
सरहद
जो
तेरे
हाथों
से
कत्ल
होगा
मैं
उस
का
मातम
नहीं
करूँगा
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
63 Likes
तू
अपने
सारे
दुख
जाकर
बताता
है
जिन्हें,
इक
दिन
बढ़ाएँगे
वही
ग़म-ख़्वार
तेरी
आँख
का
पानी
Siddharth Saaz
Send
Download Image
34 Likes
नज़ारे
आँख
में
चुभने
लगे
हैं
यहाँ
हम
साथ
आते
थे
तुम्हारे
Nitesh Kushwah
Send
Download Image
47 Likes
इक
नज़र
उस
चेहरे
की
देखी
है
जब
से
यार
मुँह
उतरा
हुआ
है
रौशनी
का
Harsh saxena
Send
Download Image
4 Likes
फिर
किसी
के
सामने
चश्म-ए-तमन्ना
झुक
गई
शौक़
की
शोख़ी
में
रंग-ए-एहतराम
आ
ही
गया
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
21 Likes
गली
में
बैठे
हैं
उसकी
नज़र
जमाए
हुए
हमारे
बस
में
फ़क़त
इंतिज़ार
करना
है
Swapnil Tiwari
Send
Download Image
23 Likes
सौ
सौ
उमीदें
बँधती
है
इक
इक
निगाह
पर
मुझ
को
न
ऐसे
प्यार
से
देखा
करे
कोई
Allama Iqbal
Send
Download Image
100 Likes
तिरे
जमाल
की
तस्वीर
खींच
दूँ
लेकिन
ज़बाँ
में
आँख
नहीं
आँख
में
ज़बान
नहीं
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
15 Likes
नज़र
में
रखना
कहीं
कोई
ग़म
शनास
गाहक
मुझे
सुख़न
बेचना
है
ख़र्चा
निकालना
है
Umair Najmi
Send
Download Image
43 Likes
Read More
चार
ही
दिन
थे
क्या
ज़िन्दगी
के
लिए
ना
मिला
कोई
भी
आशिक़ी
के
लिए
हाथ
आँखों
पे
धरने
लगा
चाँद
अब
एक
उस
की
ही
बेपर्दगी
के
लिए
पूजते
है
उसे
जो
कि
दिखता
नहीं
लोग
सब
करते
है
बंदगी
के
लिए
देता
है
तो
दे
इक
दो
सदी
ऐ
ख़ुदा
चार
दिन
कम
है
आवारगी
के
लिए
ना
गिला
कोई
ना
ही
शिकायत
कोई
कुछ
तो
हो
उन
सेे
नाराजगी
के
लिए
आदमी
देता
है
हर
जहाँ
को
ख़ुशी
ख़ुद
तरसता
है
इक
इक
ख़ुशी
के
लिए
दुख
भरी
ज़िन्दगी
के
सिवा
दुनिया
में
अब
बचा
ही
क्या
है
आदमी
के
लिए
Read Full
karan singh rajput
Download Image
4 Likes
अब
जो
तेरे
क़रीब
है
वो
कितना
ख़ुशनसीब
है
karan singh rajput
Send
Download Image
0 Likes
मिलता
नहीं
था
जिस
में
कुछ
ग़म
के
सिवा
ऐसा
भी
इक
रिश्ता
निभाया
है
मैं
ने
Read Full
karan singh rajput
Send
Download Image
1 Like
रहो
ख़ुश
जहाँ
भी
रहो
ये
दु'आ
है
अगर
ये
भी
ना
चाहा
तो
इश्क़
क्या
है
उसे
भूल
तो
जाते
पर
मसअला
ये
कि
वो
यार
अब
भी
बहुत
बावफ़ा
है
Read Full
karan singh rajput
Send
Download Image
11 Likes
कौन
जाने
मेरे
जीने
की
दु'आ
करता
है
के
मौत
आती
है
मगर
लेके
नहीं
जाती
मुझे
karan singh rajput
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Child labour Shayari
Eitbaar Shayari
Diwangi Shayari
Sardi Shayari
Raat Shayari