raah-e-haasil ka kuchh nahin maaloom | राह-ए-हासिल का कुछ नहीं मालूम

  - Aman Kumar Shaw "Haif"
राह-ए-हासिलकाकुछनहींमालूम
हमकोमंज़िलकाकुछनहींमालूम
यादहैलूटाहैकिसीनेमुझे
शख़्स-ए-शामिलकाकुछनहींमालूम
जिस्मतोकबकाबुझचुकाहोगा
हरकत-ए-दिलकाकुछनहींमालूम
राह-ए-आख़िरकीधुंधयादहैबस
औरमंज़िलकाकुछनहींमालूम
डूबनेवालोंमेंहैंशामिलहम
हमकोसाहिलकाकुछनहींमालूम
सुर्ख़हाथोंकोअपनेदेखा,पर
मुझकोक़ातिलकाकुछनहींमालूम
तुमकोबसक़त्लसेहीमतलबहै
तुमकोबिस्मिलकाकुछनहींमालूम
उम्रगुज़रीक़फ़समेंयादहैबस
हमकोआदिलकाकुछनहींमालूम
वोकहेगाख़िरदहीसबकुछहै
उसकोइसदिलकाकुछनहींमालूम
सूरत-ए-'हैफ़'पेहोहैराँबहुत
तुमकोमुश्किलकाकुछनहींमालूम
  - Aman Kumar Shaw "Haif"
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