deewar-o-dar ko baarha dekha karen to kya | दीवार-ओ-दर को बारहा देखा करें तो क्या

  - Aman Kumar Shaw "Haif"
दीवार-ओ-दरकोबारहादेखाकरेंतोक्या
ख़ुदकेहीसाथबारहाधोकाकरेंतोक्या
किस्सा-ए-दर्दकीयहाँचर्चाकरेंतोक्या
महफ़िलमेंअपनेआपकोरुसवाकरेंतोक्या
झूठालिबासझूठाबदनझूठीज़िंदगी
अपनेवुजूदपेभलादावाकरेंतोक्या
जोमेरेमुस्कुरानेपेहैरतज़दानहीं
आँखोंकोउसकेसामनेदरियाकरेंतोक्या
जबदरमियाँग़म-ओ-ख़ुशीग़मकोहीचुनलिया
फिरअपनेइंतख़ाबपेशिकवाकरेंतोक्या
मानाशिकस्तादिलहैंकमज़र्फ़हमनहीं
ज़ख़्मोंकोअबदिखाकेतमाशाकरेंतोक्या
'उम्रेदराज़कीहमेंहोआरज़ूभीक्यूँ
बार-ए-हयातऔरगवाराकरेंतोक्या
दौर-ए-जुनूँकेबादयेवहशतकादौरहै
इकबारफिरसेतेरीतमन्नाकरेंतोक्या
रफ़्तार-ए-मौत-ए-आरज़ूअपनीहदोंपेहै
ख़ाना-ए-दिलकोऔरकुशादाकरेंतोक्या
बीनाईहीनहींरहीआँखोंमेंजबमेरी
लेकेचराग़घरकोउजालाकरेंतोक्या
ता-ज़िन्दगीयूँँरायगाँहमनेगुज़ारदी
नुकसानअपनाइससेेज़ियादाकरेंतोक्या
तख़्लीक़हमसेेजोहुईसबरायगाँरही
तामीरदिलकेघरकोदुबाराकरेंतोक्या
ता-उम्रबुतपरस्तीकीहमनेख़ुदाकोछोड़
अबआख़िरीपड़ावपेसजदाकरेंतोक्या
उसकेबदनकोचूमताहैकोईग़ैरअब
ज़ुल्फ़ोंकोउसके"हैफ़"सँवाराकरेंतोक्या
  - Aman Kumar Shaw "Haif"
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