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RAJAT AWASTHI
har subah uth ke isko main hooñ choomta
har subah uth ke isko main hooñ choomta | हर सुब्ह उठ के इसको मैं हूँ चूमता
- RAJAT AWASTHI
हर
सुब्ह
उठ
के
इसको
मैं
हूँ
चूमता
चाय
है
जैसे
ये
कोई
सौतन
तेरी
- RAJAT AWASTHI
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हमेशा
ठंडी
हो
जाती
थी
चाय
बातों
बातों
में
वो
बातें
जो
इन
आँखों
से
किया
करते
थे
हम
दोनों
Hasan Abbasi
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बस
एक
रस्म-ए-तअल्लुक़
निभाने
बैठे
हैं
वगरना
दोनों
के
कप
में
ज़रा
भी
चाय
नहीं
Waseem Nadir
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ठंडी
चाय
की
प्याली
पी
के
रात
की
प्यास
बुझाई
है
Rais Farog
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सिगरेट
की
शक्ल
में
कभी
चाय
की
शक्ल
में
इक
प्यास
है
कि
जिसको
पिए
जा
रहे
हैं
हम
Ameer Imam
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सोचता
हूँ
वक़्त
की
तस्वीर
जब
मुझ
सेे
बनेगी
तो
भला
उसकी
कलाई
पर
घड़ी
कैसी
लगेगी
चाय
उस
से
पूछ
तो
सकता
हूँ
मैं
भी
दोस्त,लेकिन
सोचता
हूँ
कौन
सा
वो
कहने
भर
से
चल
पड़ेगी
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Abhishar Geeta Shukla
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चाय
के
बारे
में
कोई
राय
मत
दो
यार
मुझको
बात
समझो
इश्क़
सब
सेे
पूछकर
होता
नहीं
है
Neeraj Neer
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आज
उसके
गाल
चू
में
हैं
तो
अंदाज़ा
हुआ
चाय
अच्छी
है
मगर
थोड़ा
सा
मीठा
तेज़
है
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Tehzeeb Hafi
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उदासी
चल
कहीं
चलते
हैं
दोनों
पिएँगे
चाय
और
बातें
करेंगे
Gaurav Singh
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घी
मिस्री
भी
भेज
कभी
अख़बारों
में
कई
दिनों
से
चाय
है
कड़वी
या
अल्लाह
Nida Fazli
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आज
फिर
चाय
बनाते
हुए
वो
याद
आया
आज
फिर
चाय
में
पत्ती
नहीं
डाली
मैं
ने
Taruna Mishra
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शाख
से
इक
फूल
ख़ुद
हाथों
में
मेरे
आ
गिरा
जब
कहा
उस
सेे
सजाउँगा
तुझे
उन
बालों
में
RAJAT AWASTHI
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शिकायत
मुझे
थी
इसी
बात
से
कि
तू
ने
कभी
भी
शिकायत
न
की
यहाँ
मैं
ही
तो
था
रियासत
तेरी
तूने
हम
पे
भी
तो
हुकूमत
न
की
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RAJAT AWASTHI
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तेरे
ख़त
हम
छिपाते
भी
तो
कैसे
कि
ग़लती
इस
में
तो
मेरी
नहीं
थी
अलग
कमरा
मिला
था
हमको
लेकिन
अलग
पर
कोई
अलमारी
नहीं
थी
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RAJAT AWASTHI
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वो
महीने
में
मुझ
से
एक
बार
मिलती
है
जैसे
नौकरी
पेशा
को
पगार
मिलती
है
RAJAT AWASTHI
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इस
क़दर
सादगी
सूरत
पे
बसी
है
उसकी
उसका
आईना
भी
उस
सेे
ही
ख़फ़ा
लगता
है
RAJAT AWASTHI
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