hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
shashwat singh darpan
jaane kiski kamii hai jo mujhko
jaane kiski kamii hai jo mujhko | जाने किसकी कमी है जो मुझको
- shashwat singh darpan
जाने
किसकी
कमी
है
जो
मुझको
सबके
होने
पे
और
खलती
है
- shashwat singh darpan
Download Sher Image
ये
दुनिया
एक
दोज़ख़
है
जहाँ
पर
कहीं
से
लोग
मर
कर
आ
रहे
हैं
shashwat singh darpan
Send
Download Image
1 Like
और
भी
लोग
उसपे
मरते
हैं
फूल
के
पास
चंद
भवरे
हैं
तुझको
ही
इश्क़
की
नहीं
है
ख़बर
वरना
तो
शहर
भर
में
चर्चे
हैं
रूठ
जाओ
के
रूठने
वाले
रूठने
से
भी
मान
जाते
हैं
ज़हन-ओ-दिल
में
ख़याल
हैं
तेरे
जैसे
ज़िंदान
में
परिंदे
हैं
तू
किसी
और
को
मय्यसर
है
हम
तेरी
आरज़ू
से
लिपटे
हैं
फिर
न
जाने
मिलोगे
कब
हम
सेे
आओ
तस्वीर
खींच
लेते
हैं
एक
दर्पन
है
दायरा
इनका
अक्स
तेरे
यहीं
भटकते
हैं
Read Full
shashwat singh darpan
Download Image
2 Likes
माँ
बाबा
का
सोच
के
हर
दम
रुक
जाता
हूँ
वरना
तो
इतने
ग़म
में
मैंने
पंखे
से
टँग
कर
मर
जाना
था
shashwat singh darpan
Send
Download Image
2 Likes
खिलाड़ी
देवकीनंदन
के
जैसा
सामने
हो
तो
तजुर्बा
लाख
हो
शकुनी
भी
चौसर
हार
जाते
हैं
shashwat singh darpan
Send
Download Image
1 Like
इन
अँधेरों
की
आशिक़ी
मुझ
सेे
छीन
लेगी
ये
रौशनी
मुझ
सेे
बंद
की
अपनी
आँख
तब
जा
कर
उसकी
बंद-ए-क़बा
खुली
मुझ
सेे
मीर
जी
हँस
के
बात
करती
है
पंखुड़ी
इक
गुलाब
सी
मुझ
सेे
लोग
इतने
मरे
मेरे
अंदर
लाश
गिनते
नहीं
बनी
मुझ
सेे
राम
कह
कर
के
बात
करती
है
ख़्वाब
में
मेरी
जानकी
मुझ
सेे
होंगे
शायर
बहुत
मगर
दर्पन
जानी
जाएगी
ये
सदी
मुझ
सेे
Read Full
shashwat singh darpan
Download Image
2 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Romance Shayari
Violence Shayari
Fasad Shayari
Aadmi Shayari
Parinda Shayari