aur bhi log uspe marte hain | और भी लोग उसपे मरते हैं

  - shashwat singh darpan
औरभीलोगउसपेमरतेहैं
फूलकेपासचंदभवरेहैं
तुझकोहीइश्क़कीनहींहैख़बर
वरनातोशहरभरमेंचर्चेहैं
रूठजाओकेरूठनेवाले
रूठनेसेभीमानजातेहैं
ज़हन-ओ-दिलमेंख़यालहैंतेरे
जैसेज़िंदानमेंपरिंदेहैं
तूकिसीऔरकोमय्यसरहै
हमतेरीआरज़ूसेलिपटेहैं
फिरजानेमिलोगेकबहमसेे
आओतस्वीरखींचलेतेहैं
एकदर्पनहैदायराइनका
अक्सतेरेयहींभटकतेहैं
  - shashwat singh darpan
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy