humeen tak rah gaya qissa hamaara | हमीं तक रह गया क़िस्सा हमारा

  - Shariq Kaifi
हमींतकरहगयाक़िस्साहमारा
किसीनेख़तनहींखोलाहमारा
पढ़ाईचलरहीहैज़िंदगीकी
अभीउतरानहींबस्ताहमारा
मुआ'फ़ीऔरइतनीसीख़तापर
सज़ासेकामचलजाताहमारा
किसीकोफिरभीमहँगेलगरहेथे
फ़क़तसाँसोंकाख़र्चाथाहमारा
यहींतकइसशिकायतकोसमझो
ख़ुदातकजाएगाझगड़ाहमारा
तरफ़-दारीनहींकरपाएदिलकी
अकेलापड़गयाबंदाहमारा
तआ'रुफ़क्याकराआएकिसीसे
उसीकेसाथहैसायाहमारा
नहींथेजश्न-ए-याद-ए-यारमेंहम
सोघरपरगयाहिस्साहमारा
हमेंभीचाहिएतन्हाई'शारिक़'
समझताहीनहींसायाहमारा
  - Shariq Kaifi
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