be-takalluf mira haijaan banata hai mujhe | बे-तकल्लुफ़ मिरा हैजान बनाता है मुझे

  - Shariq Kaifi
बे-तकल्लुफ़मिराहैजानबनाताहैमुझे
सामनेतेरेकहाँबोलनाआताहैमुझे
वोउदासीकिबिखरनेसेनहींबचसकता
औरतिरालम्सकिचुनताचलाजाताहैमुझे
अबमिरेलौटकेआनेकाकोईवक़्तनहीं
यूँँभीअबघरसेसिवाकौनबुलाताहैमुझे
गीतहीसिर्फ़लबोंपरहोतोजाएभीनींद
वोकोईऔरकहानीभीसुनाताहैमुझे
क़त्अकरकेभीतअ'ल्लुक़वोकहाँचैनसेहै
इसकेअस्बाब-ओ-दलाएलभीगिनाताहैमुझे
ख़ुदसेवोकौनसेशिकवेहैंकिजातेहीनहीं
अपनेजैसोंपेयक़ींक्यूँँनहींआताहैमुझे
औरइकबारज़राछेड़मिरीरूहकेतार
इनसुरोंमेंतोकोईऔरभीगाताहैमुझे
इकतिरादर्दहैअच्छेहैंमरासिमजिससे
बसवहीहैकिजोपलकोंपेबिठाताहैमुझे
मैंकिसीदूसरेपहलूसेउसेक्यूँँसोचूँ
यूँँभीअच्छाहैवोजैसानज़रआताहैमुझे
होसबबकुछभीमिरेआँखबचानेकामगर
साफ़करदूँकिनज़रकमनहींआताहैमुझे
ना-ख़ुदाओंनेतोख़ुश-फ़हमियाँबख़्शीहैंफ़क़त
मैंहूँख़तरेमेंयेतूफ़ाँहीबताताहैमुझे
  - Shariq Kaifi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy