safar se mujh ko bad-dil kar raha tha | सफ़र से मुझ को बद-दिल कर रहा था

  - Shariq Kaifi
सफ़रसेमुझकोबद-दिलकररहाथा
भँवरकाकामसाहिलकररहाथा
वोसमझाहीकहाँउसमर्तबेको
मैंउसकोदुखमेंशामिलकररहाथा
हमारीफ़त्हथीमक़्तूलहोना
यहीकोशिशतोक़ातिलकररहाथा
कोईतोथामिरेहीक़ाफ़िलेमें
जोमेराकाममुश्किलकररहाथा
वोठुकराकरगयाइसदौरमेंजब
मैंजोचाहूँवोहासिलकररहाथा
तिरीबातोंमेंयूँँभीगयामैं
भटकनेकाबहुतदिलकररहाथा
कोईमुझसाहीदीवानाथाशायद
जोवीरानेमेंमहफ़िलकररहाथा
येदिलख़ुद-ग़र्ज़दिलग़म-ख़्वारतेरा
ख़ुशीग़ममेंभीहासिलकररहाथा
समझताथामैंसाज़िशआइनेकी
मुझेमेरेमुक़ाबिलकररहाथा
  - Shariq Kaifi
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