होनेसेमिरेफ़र्क़हीपड़ताथाभलाक्या
मैंआजनजागातोसवेरानहुआक्या
सबभीगीरुतेंनींदकेउसपारहैंशायद
लगतीहैज़राआँखतोआतीहैहवाक्या
हमखोजमेंजिसकीहैंपरेशानअज़लसे
बीमारकीआँखोंनेवोदरढूँडलियाक्या
मक़्तूलकोबाँहोंमेंलिएबैठारहूँक्यूँँ
इसजुर्मसेलेनाहैउसेऔरमज़ाकिया
दीवारक़फ़सकीहोकिघरकीमुझेक्याफ़र्क़
तफ़रीहकेसामाँहोंमुयस्सरतोसज़ाक्या
ऐसातोकभीरक़्समेंबे-ख़ुदनहवामैं
मय-ख़ानेकेमाहौलमेंहोताहैनशाक्या
येधूपकीतेज़ीयेसराबोंकीसजावट
सहरानेजुनूँकोमिरेपहचानलियाक्या