kahaan socha tha main ne bazm-aaraai se pahle | कहाँ सोचा था मैं ने बज़्म-आराई से पहले

  - Shariq Kaifi
कहाँसोचाथामैंनेबज़्म-आराईसेपहले
येमेरीआख़िरीमहफ़िलहैतन्हाईसेपहले
बसइकसैलाबथालफ़्ज़ोंकाजोरुकतानहींथा
येहलचलसत्हपेरहतीहैगहराईसेपहले
बहुतदिनहोश-मंदोंकेकहेकामानरक्खा
मगरअबमशवराकरताहूँसौदाईसेपहले
फ़क़तरंगोंकेइसझुरमुटकोमैंसचमानलूँक्या
वोसबकुछझूटथादेखाजोबीनाईसेपहले
किसीभीझूटकोजीनाबहुतमुश्किलनहींहै
फ़क़तदिलकोहराकरनाहैसच्चाईसेपहले
येआँखेंभीड़मेंअबतकउसीकोढूँडतीहैं
जोसायाथायहाँपहलेतमाशाईसेपहले
  - Shariq Kaifi
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