yahaañ dimaagh kahaan main chalaane aata hooñ | यहाँ दिमाग़ कहाँ मैं चलाने आता हूँ

  - Shariq Kaifi
यहाँदिमाग़कहाँमैंचलानेआताहूँ
यहाँतोबसतेरीबातोंमेंआनेआताहूँ
मेरामज़ाक़उड़ाकरतुझेजोमिलतीहै
उसीख़ुशीपेयहाँमुस्कुरानेआताहूँ
ज़मानेपहलेजिसेडूबनाथाडूबगया
जानेअबयहाँकिसकोबचानेआताहूँ
अबउसकाघरतोज़ियारत-कदाहैमेरेलिए
सलामकरकेकहींऔरजानेआताहूँ
येडूबताहुआसूरजतोइकबहानाहै
मैंइकनदीकोसमुंदरदिखानेआताहूँ
हदफ़तोऔरकोईहैमगरतुम्हारेपास
ज़रानिशानेकोबेहतरबनानेआताहूँ
हक़ीक़तोंपेझगड़नेकेदिनगए'शारिक़'
अबउसकेझूठपेतालीबजानेआताहूँ
  - Shariq Kaifi
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