bojh dukh ka utha nahin paaya | बोझ दुख का उठा नहीं पाया

  - shampa andaliib
बोझदुखकाउठानहींपाया
दिलबेचारानिभानहींपाया
इतनीक़ुव्वतनहींमेरेदिलमें
तेरेदिलकोदुखानहींपाया
मेरेदिलकीसुनोकिमेरादिल
एकक़िस्सासुनानहींपाया
औरउम्मीदक्यारखूँतुझसे
एकरिश्तानिभानहींपाया
कटगयाबंदगीमेंयेजीवन
मैंनेफिरभीख़ुदानहींपाया
तेरेआनेकीथीमुझेउम्मीद
तूभीमुझकोभुलानहींपाया
  - shampa andaliib
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