hai zindagi jeeni magar jeene ka koi jee nahin | है ज़िन्दगी जीनी मगर जीने का कोई जी नहीं

  - Sarvjeet Singh
हैज़िन्दगीजीनीमगरजीनेकाकोईजीनहीं
सबकोदिखेहँसनामिरापरआँखकापानीनहीं
यूँँइसतरहग़मगीनरहनेकीथीमेरीक्यावजह
उसनेकभीपूछीनहींमैंनेबताईभीनहीं
ख़ामोशियाँबढ़तीगईसोदूरियाँबढ़तीगई
सबकुछसुलझसकताथाफिरक्यूँबातहमनेकीनहीं
बसकरवटेलेतेरहेहमसोपाएएकपल
वोरातछोटीथीमगरवोरातछोटीथीनहीं
थातनकहींपेऔरउसकामनकहींपेऔरही
वोपासमेंहीथीमगरवोपासमेंथीहीनहीं
  - Sarvjeet Singh
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