hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sarul
teri mehfil ka vo maqaam meraa
teri mehfil ka vo maqaam meraa | तेरी महफ़िल का वो मक़ाम मेरा
- Sarul
तेरी
महफ़िल
का
वो
मक़ाम
मेरा
अब
वहाँ
ग़ैर
बैठते
होंगे
- Sarul
Download Sher Image
ये
तुमने
कैसा
बना
कर
हमें
किया
है
गुम
ख़ुशी
से
झूम
उठेगा
जिसे
मिलेंगे
हम
Swapnil Tiwari
Send
Download Image
30 Likes
फिर
इस
के
बाद
मनाया
न
जश्न
ख़ुश्बू
का
लहू
में
डूबी
थी
फ़स्ल-ए-बहार
क्या
करते
Azhar Iqbal
Send
Download Image
35 Likes
कुछ
तो
हवा
भी
सर्द
थी
कुछ
था
तिरा
ख़याल
भी
दिल
को
ख़ुशी
के
साथ
साथ
होता
रहा
मलाल
भी
Parveen Shakir
Send
Download Image
65 Likes
किस
की
होली
जश्न-ए-नौ-रोज़ी
है
आज
सुर्ख़
मय
से
साक़िया
दस्तार
रंग
Imam Bakhsh Nasikh
Send
Download Image
19 Likes
पहले
थोड़ी
मुश्किल
होगी
आगे
लेकिन
मंज़िल
होगी
सब
बाराती
शायर
होंगे
मेरी
शादी
महफ़िल
होगी
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
57 Likes
मज़ा
चहिए
जो
आख़िर
तक
उदासी
से
मोहब्बत
कर
ख़ुशी
का
क्या
है
कब
तब्दील
है
से
थी
में
हो
जाए
Atul K Rai
Send
Download Image
3 Likes
फ़र्त-ए-ख़ुशी
से
अपनी
जो
भी
रश्क
करते
हैं
उनको
तिरी
बनाई
वो
जन्नत
तलब
नहीं
Sabir Hussain
Send
Download Image
2 Likes
दर्द
की
बात
किसी
हँसती
हुई
महफ़िल
में
जैसे
कह
दे
किसी
तुर्बत
पे
लतीफ़ा
कोई
Ahmad Rahi
Send
Download Image
21 Likes
एक
महफ़िल
में
कई
महफ़िलें
होती
हैं
शरीक
जिस
को
भी
पास
से
देखोगे
अकेला
होगा
Nida Fazli
Send
Download Image
31 Likes
शबो
रोज़
की
चाकरी
ज़िन्दगी
की
मुयस्सर
हुईं
रोटियाँ
दो
घड़ी
की
नहीं
काम
आएँ
जो
इक
दिन
मशीनें
ज़रूरत
बने
आदमी
आदमी
की
कि
कल
शाम
फ़ुरसत
में
आई
उदासी
बता
दी
मुझे
क़ीमतें
हर
ख़ुशी
की
किया
क्या
अमन
जी
ने
बाइस
बरस
में
कभी
जी
लिया
तो
कभी
ख़ुद-कुशी
की
ग़मों
को
ठिकाने
लगाते
लगाते
घड़ी
आ
गई
आदमी
के
ग़मी
की
ये
सारी
तपस्या
का
कारण
यही
है
मिसालें
बनें
तो
बनें
सादगी
की
Read Full
Aman G Mishra
Send
Download Image
2 Likes
Read More
ज़िंदगी
कोई
भी
आसान
नहीं
है
प्यारे
तू
भी
इस
बात
से
अनजान
नहीं
है
प्यारे
Sarul
Send
Download Image
1 Like
ख़ैर
हालात
बना
सकते
थे
हम
तो
बस
बात
बना
सकते
थे
ज़िंदगी
बन
रही
है
तेरे
सिवा
तेरे
भी
साथ
बना
सकते
थे
जो
तुम्हारे
लिए
कही
है
ग़ज़ल
हम
उसे
नात
बना
सकते
थे
तुम
ने
सहरा
बना
लिया
था
हमें
तुम
तो
बरसात
बना
सकते
थे
पूरी
तस्वीर
मुकम्मल
न
सही
हाथ
में
हाथ
बना
सकते
थे
Read Full
Sarul
Download Image
3 Likes
ग़मों
से
ग़म
के
ही
मौसम
बनेंगे
ग़मों
से
और
कुछ
बनना
नहीं
है
Sarul
Send
Download Image
3 Likes
ऐ
सुन
कि
मेरे
यार
हम
तेरी
वजह
से
हैं
कैसे
कहें
बीमार
हम
तेरी
वजह
से
हैं
Sarul
Send
Download Image
3 Likes
आना
जाना
नहीं
कि
कम
कर
लें
ग़म
बहाना
नहीं
कि
कम
कर
लें
ज़ीस्त
कटती
है
रोज़
क़तरों
में
ये
फ़साना
नहीं
कि
कम
कर
लें
ये
मोहब्बत
ही
सब
मुसीबत
थी
वो
भी
माना
नहीं
कि
कम
कर
लें
तेरी
गलियाँ
तवाफ़
बेजा
सही
फिर
बुलाना
नहीं
कि
कम
कर
लें
कैफ़
लज़्ज़त
में
सब
मनाज़िर
हैं
इतने
दाना
नहीं
कि
कम
कर
लें
Read Full
Sarul
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
I Miss you Shayari
Shajar Shayari
Sooraj Shayari
Aazaadi Shayari
Ehsaas Shayari