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Sabir Hussain
fart-e-khushi se apni jo bhi rashk karte hain
fart-e-khushi se apni jo bhi rashk karte hain | फ़र्त-ए-ख़ुशी से अपनी जो भी रश्क करते हैं
- Sabir Hussain
फ़र्त-ए-ख़ुशी
से
अपनी
जो
भी
रश्क
करते
हैं
उनको
तिरी
बनाई
वो
जन्नत
तलब
नहीं
- Sabir Hussain
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यहाँ
तुम
देखना
रुतबा
हमारा
हमारी
रेत
है
दरिया
हमारा
Kushal Dauneria
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आँख
भर
आई
किसी
से
जो
मुलाक़ात
हुई
ख़ुश्क
मौसम
था
मगर
टूट
के
बरसात
हुई
Manzar Bhopali
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तू
किसी
और
ही
दुनिया
में
मिली
थी
मुझ
सेे
तू
किसी
और
ही
मौसम
की
महक
लाई
थी
डर
रहा
था
कि
कहीं
ज़ख़्म
न
भर
जाएँ
मेरे
और
तू
मुट्ठियाँ
भर-भर
के
नमक
लाई
थी
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Tehzeeb Hafi
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तुम
मुझे
उतनी
ही
प्यारी
हो
मेरी
जाँ
जितना
प्यारा
है
कश्मीर
इस
देश
को
Alankrat Srivastava
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तुम्हें
ज़रूर
कोई
चाहतों
से
देखेगा
मगर
वो
आँखें
हमारी
कहाँ
से
लाएगा
तुम्हारे
साथ
ये
मौसम
फ़रिश्तों
जैसा
है
तुम्हारे
बा'द
ये
मौसम
बहुत
सताएगा
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Bashir Badr
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नए
साल
में
पिछली
नफ़रत
भुला
दें
चलो
अपनी
दुनिया
को
जन्नत
बना
दें
Unknown
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शदीद
प्यास
थी
फिर
भी
छुआ
न
पानी
को
मैं
देखता
रहा
दरिया
तिरी
रवानी
को
Shahryar
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मुहब्बत
आपसे
करना
कभी
आसाँ
नहीं
था
पर
बिना
कश्ती
के
दरिया
पार
करना
शौक़
है
मेरा
Tanoj Dadhich
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तुम
ने
किया
है
तुम
ने
इशारा
बहुत
ग़लत
दरिया
बहुत
दुरुस्त
किनारा
बहुत
ग़लत
Nabeel Ahmed Nabeel
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मुतअस्सिर
हैं
यहाँ
सब
लोग
जाने
क्या
समझते
हैं
नहीं
जो
यार
शबनम
भी
उसे
दरिया
समझते
हैं
हक़ीक़त
सारी
तेरी
मैं
बता
तो
दूँ
सर-ए-महफ़िल
मगर
ये
लोग
सारे
जो
तुझे
अच्छा
समझते
हैं
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Nirvesh Navodayan
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इक
ओर
वो
सलीके
से
काटे
हैं
सर
मिरा
इक
ओर
मैं
कसीदे
पढूँ
शान-ए-यार
में
हरगिज़
नहीं
बनाता
मोहब्बत
में
हिज्र
मैं
होता
अगर
बनाना
मेरे
इख़्तियार
में
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Sabir Hussain
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उम्मीद
ए
विसाल
ए
जांँ
मिसमार
हुई
नहीं
ये
दामन-ए-शब
अभी
दुश्वार
हुई
नहीं
उसने
भी
शब-ए-गुज़श्ता
क़ैद
रखी
हवस
हम
सेे
भी
बदन
की
सरहद
पार
हुई
नहीं
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Sabir Hussain
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ता-कयामत
प्यासे
सब
दरिया
रहेंगे
दरिया
की
तो
तिश्नगी
ख़ुद
कर्बला
हैं
Sabir Hussain
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हम
जो
थे
कभी
सिकंदर
अपनी
दुनिया
के
उनके
हाथों
का
खिलौना
बन
कर
रह
गए
Sabir Hussain
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साल
भर
करता
रहा
हूँ
मैं
रियाज़त
कह
ही
दूँगा
आज
होली
है
तो
कह
पाया
नहीं
होली
मुबारक
Sabir Hussain
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