hamse poochho sahna kya-kya padta hai | हम सेे पूछो सहना क्या-क्या पड़ता है

  - Santosh sagar
हमसेेपूछोसहनाक्या-क्यापड़ताहै
ख़ुदकाआँसूख़ुदहीधोनापड़ताहै
दुनियावालोंकोभाताहँसताचेहरा
सोहमकोछुप-छुपकेरोनापड़ताहै
बिस्तरतकियाकरवटफिरउनकाचेहरा
इतनेमेंबसहमकोजीनापड़ताहै
मिलनेजानाहोताहैजबभीउनसेे
सीधेबच्चेजैसादिखनापड़ताहै
ज़ूमकरोगेफोटोतोफटजाएगी
रिश्तोंकोआहिस्तापढ़नापड़ताहै
बैठेकिसकोमिलतीहैमंज़िलयारों
पत्थरपरभीदूबउगानापड़ताहै
रातजगेरहतेतेरेसपनेख़ातिर
तबतोहमकोदिनमेंसोनापड़ताहै
आफ़तजब-जबआतीहैमज़लूमोंपर
बूंदोंकोभीसागरबननापड़ताहै
  - Santosh sagar
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