kisi ko phir hansaaya ja raha hai | किसी को फिर हँसाया जा रहा है

  - Santosh sagar
किसीकोफिरहँसायाजारहाहै
किसीकोफिररुलायाजारहाहै
किसीकेघरकोचकनाचूरकरके
किसीकाघरबसायाजारहाहै
कहींहैयारमंज़रमातमोंका
कहींपरगीतगायाजारहाहै
जिसेआतानहींहैइश्क़करना
उसीपरदिललुटायाजारहाहै
हमारेप्यारमेंथीक्याकमीजो
हमारादिलदुखायाजारहाहै
हमेंभीदेखलोनायारसागर
हमेंकितनासतायाजारहाहै
  - Santosh sagar
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