mere tan pe shohrat ka kambal dikhta | मेरे तन पे शोहरत का कम्बल दिखता

  - Santosh sagar
मेरेतनपेशोहरतकाकम्बलदिखता
जबमेरेसरपरमाँकाआँचलदिखता
कितनासोणारूपसलोनालगताहै
जबछोटेबच्चोंकेसरकाजलदिखता
दूरसेकालीरातोंमेंदेखूँतुमको
रेलकीपटरीपरजैसेसिग्नलदिखता
हमदोनोंकेबीचमेंइतनीदूरीहै
जितनीदूरयहाँसेवोबादलदिखता
जिसकेसरसेमाँकासायाउठजाए
उसकोआगेकारस्ताओझलदिखता
तुमबोलोमैंतुमकोकैसादिखताहूँ
दुनियावालोंकोतोमैंपागलदिखता
बड़े-बुज़ुर्गोंकासागरसम्मानकरो
बड़ेदरख़्तोंसेसुन्दरजंगलदिखता
  - Santosh sagar
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