घरकीरोज़ीरोटीचलतीमेरेरोज़कमानेसे
बोझज़रासाकमहोजाताबापूतेरेशानेसे
कुछपैसोंसेछप्परकीख़ातिरलेआतेबरसाती
फिरहमकोनकभीलगताडरइससावनकेआनेसे
छोटूभीबस्तालेकरतबपढ़नेकोजाताबापू
फिरख़ालीबोतलनचुरानीपड़तीउसेमैख़ानेसे
लालासेहरबारउधारीकीउम्मीदनहींकरते
माँकोनआनापड़तागरजोख़ालीहाथकिरानेसे
घुट-घुटकेजीतेहैंहमऔरपल-पलमरतेहैं'सैंडी'
इकबारीकरदेभगवननिर्धनकाअंतज़मानेसे।