ghar ki rozi roti chalti mere roz kamaane se | घर की रोज़ी रोटी चलती मेरे रोज़ कमाने से

  - Sandeep dabral 'sendy'
घरकीरोज़ीरोटीचलतीमेरेरोज़कमानेसे
बोझज़रा‌साकमहोजाताबापूतेरेशानेसे
कुछपैसोंसेछप्परकीख़ातिरलेआतेबरसाती
फिरहमकोकभीलगताडरइससावनकेआनेसे
छोटूभीबस्तालेकरतबपढ़नेकोजाताबापू
फिरख़ालीबोतलचुरानीपड़तीउसेमैख़ानेसे
लालासेहरबारउधारीकीउम्मीदनहींकरते
माँकोआनापड़तागरजोख़ालीहाथकिरानेसे
घुट-घुटकेजीतेहैंहमऔरपल-पलमरतेहैं'सैंडी'
इकबारीकरदेभगवननिर्धनकाअंतज़मानेसे।
  - Sandeep dabral 'sendy'
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