subh hone men zamaane lagte hain | सुब्ह होने में ज़माने लगते हैं

  - Sandeep dabral 'sendy'
सुब्हहोनेमेंज़मानेलगतेहैं
हिज्रमेंजबदर्दखानेलगतेहैं
ख़ूनकमहोनेलगेमुफ़लिसकातब
जबगगनमेंमेघछानेलगतेहैं
जबसितारेहोतेहैंगर्दिशमेंतब
लोगअपनेआज़मानेलगतेहैं
ग़ैरसेउम्मीदहमक्याहीकरें
दूरजबअपनेहीजानेलगतेहैं
सालहोतेपाँचपूरेजैसेही
दीनउनकोयादआनेलगतेहैं
दीनबस्तीमेंसियासत-दाँचुनाव
आतेहीतबभिनभिनानेलगतेहैं
डोरजबकमज़ोरहोकानूनकी
चोरभीआँखेंदिखानेलगतेहैं
जबअचानकछोड़देतीसाथमाँ
बोझसबबापूकेशानेलगतेहैं
मूँदलेआँखेंपिताजब,तबयहाँ
घरकेछोटूभीकमानेलगतेहैं
  - Sandeep dabral 'sendy'
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