hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sandeep dabral 'sendy'
patte hilte hain yahaañ aqsr hawa ke zor se bhi
patte hilte hain yahaañ aqsr hawa ke zor se bhi | पत्ते हिलते हैं यहाँ अक़्सर हवा के ज़ोर से भी
- Sandeep dabral 'sendy'
पत्ते
हिलते
हैं
यहाँ
अक़्सर
हवा
के
ज़ोर
से
भी
हो
अगर
ज़िंदा
तो
तुम
मौजूदगी
साबित
करो
याँ
- Sandeep dabral 'sendy'
Download Sher Image
अँधेरों
में
भले
ही
साथ
छोड़ा
था
हमारा
मगर
जब
रौशनी
लौटी
तो
साए
लौट
आए
Vikas Sahaj
Send
Download Image
41 Likes
अपने
होंटों
पर
सजाना
चाहता
हूँ
आ
तुझे
मैं
गुनगुनाना
चाहता
हूँ
Qateel Shifai
Send
Download Image
24 Likes
जाते
हुए
कमरे
की
किसी
चीज़
को
छू
दे
मैं
याद
करूँँगा
के
तेरे
हाथ
लगे
थे
Danish Naqvi
Send
Download Image
42 Likes
बना
कर
हमने
दुनिया
को
जहन्नुम
ख़ुदा
का
काम
आसाँ
कर
दिया
है
Rajesh Reddy
Send
Download Image
31 Likes
यहाँ
मज़बूत
से
मज़बूत
लोहा
टूट
जाता
है
कई
झूटे
इकट्ठे
हों
तो
सच्चा
टूट
जाता
है
Haseeb Soz
Send
Download Image
45 Likes
मैं
चाहता
यही
था
सब
चाह
ख़त्म
हो
अब
फिर
चाहकर
तुम्हें
बदला
ये
ख़याल
मेरा
Abhay Aadiv
Send
Download Image
2 Likes
ये
हम
ही
हैं
कि
किसी
के
अगर
हुए
तो
हुए
तुम्हारा
क्या
है
कोई
होगा
कोई
था
कोई
है
Irfan Sattar
Send
Download Image
62 Likes
है
नाज़
मुझको
अपनी
हिंदी
ज़बाँ
पे
यारो
हिंदी
हैं
हम
वतन
हैं
ये
देश
सब
सेे
आला
Dr Mohsin Khan
Send
Download Image
55 Likes
ये
न
थी
हमारी
क़िस्मत
कि
विसाल-ए-यार
होता
अगर
और
जीते
रहते
यही
इंतिज़ार
होता
Mirza Ghalib
Send
Download Image
65 Likes
मुझे
शराब
पिलाई
गई
है
आँखों
से
मेरा
नशा
तो
हज़ारों
बरस
में
उतरेगा
Vijendra Singh Parwaaz
Send
Download Image
48 Likes
Read More
ज़िम्मेदारी
शाने
पर
शुभ
क़िस्मत
ज़ात
नहीं
है
इश्क़
मोहब्बत
यार
हमारे
बस
की
बात
नहीं
है
कूचा
कूचा
डिग्री
लेकर
फिरते
हैं
सुब्ह-ओ-शाम
काम
नहीं
मिलता
है
पास
बसर-औक़ात
नहीं
है
Read Full
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
3 Likes
जो
दिल
जीत
लगाएगा
उसको
याँ
आदत
अपनी
वो
सौंपेगीं
उसको
हुस्न
की
दौलत,
इशरत
अपनी
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
केवल
इतनी
सी
इनायत
हो
जाए
याँ
उसको
मेरी
आदत
हो
जाए
आसान
नहीं
भू
नभ
का
इक
होना
कुछ
कर
मौला
वो
इक
मत
हो
जाए
होने
को
तो
हो
सकता
है
कुछ
भी
पर
उसको
मुझ
सेे
मुहब्बत
हो
जाए
उस
गुल
से
अपना
घर
महकाना
है
चाहे
दुनिया
से
बग़ावत
हो
जाए
उसको
पाने
की
ख़ातिर
अब
चाहे
इक
दो
सपनों
की
शहादत
हो
जाए
महफ़ूज़
रखूँगा
अपनी
तिजोरी
में
इक
बार
वो
मेरी
दौलत
हो
जाए
झुमके
पायल
चूड़ी
बिंदी
काजल
याँ
नाम
मिरे
उसकी
नथ
हो
जाए
Read Full
Sandeep dabral 'sendy'
Download Image
1 Like
ईष्ट
की
उपाधि
से
नवाज़ो
मत
किसी
को
याँ
इल्तिज़ा
है
इतनी
आदमी
को
आदमी
कहो
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
यार
मिरे
कहते
हैं
कि
तुमने
उस
में
ऐसा
क्या
देखा
मैंने
उसकी
आँखों
में
यारों
फ़र्दा
अपना
देखा
Read Full
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
6 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Bebas Shayari
Irada Shayari
Good night Shayari
Chaahat Shayari
Khwab Shayari