raaste laakh sahi koi bhi rahbar na lage | रास्ते लाख सही कोई भी रहबर न लगे

  - Sabahat Urooj
रास्तेलाखसहीकोईभीरहबरलगे
येभीमुमकिनहैकिदरवाहोमगरदरलगे
अजनबीलोगहैंउसपारकीबस्तीमेंमगर
मुझकोइसपारभीअपनातोकोईघरलगे
ऐसेबिछड़ाकिज़मानेसेवोलौटाहीनहीं
हैदु'आऐसेपरिंदेकोकभीपरलगे
अबकिढूँडूँगीठिकानामैंकोईदश्तकेपास
यूँँसर-ए-आमतमाशेकाजहाँडरलगे
अक्सहैअक्सअरेउसकातक़ाज़ाभीसमझ
आँखशीशेकामुक़द्दरहैतोपत्थरलगे
  - Sabahat Urooj
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